मन के कोने से...

15 फ़रवरी 2026

O'Romeo झूमियों !

›
देखिए भई, मेरे पसंदीदा निर्देशकों में विशाल भारद्वाज शामिल हैं तो उनकी फ़िल्मों में रह गई कमियों पर ध्यान न जाना बहुत हद तक लाज़िमी है। पूर्...
27 जनवरी 2026

15 मिनट

›
[अक्टूबर 2020, दिल्ली] अच्छा सुनो! सर्दियाँ आ रही, नियम से रोज़ 15 मिनट धूप में बैठना किशोर कुमार के गाने सुनना शुरू करना और पापोन के किसी ग...

श्राप

›
[जनवरी 2021, दिल्ली] प्रिय _______! कहाँ हो तुम ? ठीक हो ना... ये तो फॉर्मेलिटी है। ऊपरी तौर पर व्यक्त की गई मेरी खोखली चिंता। तुम जहाँ भी ह...
5 जनवरी 2026

चार जनवरी

›
                                                                                                                ...
1 जनवरी 2026

जूते अच्छे हैं.

›
                 साल की शुरुआत कारू की खातिरदारी से हुई। कल रात रोते हुए मेन गेट तक आ गया था। तो कल रात और आज दिनभर इसे अपने पास...
2 टिप्‍पणियां:
›
मुख्यपृष्ठ
वेब वर्शन देखें

अपनी बात

मेरी फ़ोटो
मन्टू कुमार
चम्पारण
:) ज़िन्दगी के उन अर्थों के नाम— जो पेड़ों के पत्तों की तरह चुपचाप उगते हैं और झड़ जाते हैं ! ~ अमृता प्रीतम
मेरा पूरा प्रोफ़ाइल देखें
Blogger द्वारा संचालित.