2023.
बढ़िया सिनेमा का मतलब है जो चीजों, वाकयों, कहानी को ज़्यादा एक्सप्लेन न करता हो, ज्यादा डायलॉगबाजी न हो। देखने वाला अपने हिसाब से जितना समझ सके समझे और देखने बाद भी अंदर उसके वो सिनेमा चलता रहे।
Past Lives ऐसी ही फिल्म है। कईं परतों में आगे बढ़ती हुई और ये जताती हुई कि जो हम सोच के बैठे हैं कि अच्छा अब ये होगा, ये तो होना ही चाहिए अब.. लव स्टोरी में तो ऐसे ही होता है.. वैसा कुछ भी होता हुआ नहीं दिखेगा, इसलिए फिल्म अच्छी है और देर तक साथ रह जाने वाली है।
यह फिल्म कोरियाई अवधारणा 'इन-युन' (In-Yun - भाग्य या पिछले जन्म का संबंध) पर आधारित है, जो यह सिखाती है कि लोगों के बीच का हर जुड़ाव पिछले जन्मों के ताने-बाने का परिणाम होता है। दो आत्माओं के बीच जन्मों-जन्मों से चला आ रहा नियति का संबंध। लेकिन जब जीवन में, चाहे कारण कुछ भी हो, यह 'इन-युन' अधूरा रह जाता है, तो वहाँ 'मलाल' और 'स्वीकार्यता' का जन्म होता है।
24 साल के अंतराल में सिमटी हुई एक कहानी जिसमें एक लड़का है एक लड़की है और लड़की का पति है। बचपन का दोनों का जुड़ाव, लड़की के शहर छूट जाने से शुरू होता है और लड़का 12 साल बाद फेसबुक पर लड़की को ढूंढ लेता है। उनकी बातें शुरू हो जाती हैं। दोनों मिलना चाहते हैं पर परिस्थितियां ऐसी नहीं बनती कि वे मिल पाए तब लड़की का निर्णय होता है कि वे कुछ दिन का ब्रेक लेते हैं, बात नहीं करते हैं क्योंकि वो अपने काम पर फोकस नहीं कर पा रही है। और फिर जल्दी ही जुड़ जाने का कह के लड़की बात करना बंद कर देती है। इसी बीच लड़की को कोई और लड़का मिल जाता है और वो इस दूसरे लड़के से शादी करके ख़ुशी से जीवन बिता रही होती है। बात बंद होने के 12 साल बाद फिर वो पहले वाला लड़का, इस लड़की से बात करता है और वो लड़की के शहर लड़की से मिलने आता है। लड़की का पति, लड़की को यक़ीन दिलाना चाहता है कि वो तुम्हारे लिए ही आ रहा है। पर लड़की नहीं मानती और इस चीज को नॉर्मल दोस्ती के नज़रिए से देखती है और मिलती है उससे..
पास्ट लाइव्स का अंत बेहद दुखद है क्योंकि पूरी फिल्म में लड़की बिल्कुल ठीक-ठाक लग रही है। पूरी फिल्म देखकर ऐसा लगता है मानो वह लड़का ही वह व्यक्ति है जो सबसे ज्यादा आहत है, जो सबसे ज्यादा कमजोर है। पर ऐसा है नहीं..
आखिरी सीन में लड़का वापस अपने शहर जाने लगता है। लड़की उसे नीचे सड़क तक छोड़ने आती है। दोनों गले मिलते हैं। बहुत कुछ अनकहा रह जाता है।
और फिर वो खूबसूरत पल आता है, जब वो लड़के को अलविदा कहती है। लड़के के चले जाने के बाद लड़की जब घर लौटने लगती है तो वह फूट-फूटकर रोने लगती है। घर की सीढ़ियों पर उसका पति इंतज़ार कर रहा होता है जो उसे संभालता है, गले लगाता है, घर में ले जाता है। और फिल्म ख़त्म...
पास्ट लाइव्स इस बारे में है कि जब आप एक चीज़ के बजाय दूसरी चीज़ चुनते हैं तो क्या होता है। यह उस प्रेम त्रिकोण के बारे में नहीं है जिसकी हम उम्मीद कर रहे होते हैं। यह उस प्रेम त्रिकोण के बारे में है जो साकार नहीं होता। लेकिन यह उस अथाह पीड़ा के बारे में भी है जो वास्तव में किसी चीज़ को छोड़ देने से आती है। यह इस बारे में है कि, कुछ चीजें जो एक बार छूट जाए तो इस जन्म में नहीं, शायद अगले जन्म तक के लिए स्थगित हो जाती हैं।
यह फिल्म उस सुंदरता और उस नुकसान के बारे में है जब हम अपने पास मौजूद चीजों को चुनते हैं और उन चीजों को छोड़ देते हैं जिन्हें हम पीछे छोड़ आए हैं।
...और फिर हम चुनते हैं स्वीकार्यता जिसके साथ कईं परतों में छुपी रहती है मलाल, जिन्हें हमारे अलावे कोई नहीं देख पाता।
:)